केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यूपी में स्वागत: सुरेश खन्ना और सुरेश प्रताप शाही ने किया अभिनंदन

उत्तर प्रदेश की धरती पर सोमवार को एक विशेष अवसर देखने को मिला जब माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी का प्रदेश आगमन हुआ। उनके स्वागत में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश खन्ना जी और राज्य के कृषि एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री श्री सुरेश प्रताप शाही जी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से अभिनंदन किया। यह मुलाकात न केवल एक शिष्टाचार भेंट थी, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास और कृषि उन्नति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा का केंद्र बनी।
निर्मला सीतारमण के आगमन का उद्देश्य था — उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, विशेष रूप से अयोध्या, लखनऊ, और पूर्वांचल क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं को लेकर। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे राज्यों में से एक है और केंद्र सरकार इसके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में वित्तीय अनुशासन और निवेश वातावरण में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, और औद्योगिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ाया है। सुरेश खन्ना ने यह भी बताया कि राज्य की राजकोषीय स्थिति पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है, जिससे राज्य की योजनाओं को गति मिल रही है।
वहीं कृषि मंत्री सुरेश प्रताप शाही ने निर्मला सीतारमण को प्रदेश में चल रही कृषि सुधार योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में किसान उत्पादक संगठन (FPO) को मज़बूती देने, फसल बीमा योजना को और पारदर्शी बनाने तथा किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों पर तेजी से काम हो रहा है। साथ ही अयोध्या के विकास और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
निर्मला सीतारमण ने यूपी सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का समन्वय ही “विकसित भारत” का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने और युवा उद्यमियों को सशक्त करने के लिए वित्त मंत्रालय विशेष योजनाएं तैयार कर रहा है, जिससे “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
बैठक के अंत में सभी मंत्रीगणों ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की आर्थिक राजधानी के रूप में उभरेगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि “अयोध्या के रूप में भारत की आत्मा और उत्तर प्रदेश के रूप में भारत की शक्ति” — यही केंद्र की विकास नीति का सार है।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी वित्त मंत्री का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि आने वाले बजट में उत्तर प्रदेश को विकास के लिए और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
संक्षेप में:
निर्मला सीतारमण की यह यात्रा न केवल औपचारिक मुलाकात थी, बल्कि केंद्र और राज्य के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने का प्रतीक बनी। उत्तर प्रदेश की जनता में इस भेंट को लेकर उत्साह और उम्मीद दोनों देखी गईं — एक नए, समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में।



