यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: हर कॉपी पर केंद्र व्यवस्थापक की मुहर, 8033 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इस बार बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। परिषद ने निर्देश जारी किए हैं कि राज्य भर के 8033 परीक्षा केंद्रों पर वितरित होने वाली प्रत्येक उत्तर पुस्तिका पर केंद्र व्यवस्थापक की अनिवार्य मुहर लगाई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, कॉपी बदलने या बाहरी हस्तक्षेप की आशंका को पूरी तरह खत्म करना है। बोर्ड का मानना है कि जब हर कॉपी पर आधिकारिक सत्यापन रहेगा, तो नकल माफिया या फर्जीवाड़े की गुंजाइश काफी हद तक कम हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत परीक्षा शुरू होने से पहले ही उत्तर पुस्तिकाओं की गिनती, सीरियल मिलान और मुहर लगाने की जिम्मेदारी केंद्र व्यवस्थापक और पर्यवेक्षकों की संयुक्त निगरानी में पूरी की जाएगी। इसके साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त स्टैटिक मजिस्ट्रेट, उड़न दस्ते और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था रहेगी। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि पिछले वर्षों में सामने आई अनियमितताओं से सबक लेते हुए इस बार तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चौकसी बढ़ाई गई है।
परीक्षार्थियों और अभिभावकों के बीच इस निर्णय को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। उनका मानना है कि सख्ती बढ़ने से मेहनती छात्रों को न्याय मिलेगा और परीक्षा का परिणाम अधिक विश्वसनीय बनेगा। वहीं केंद्र व्यवस्थापकों को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि परीक्षा से जुड़ा हर अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं पर मुहर लगाने जैसी प्रक्रिया भले प्रशासनिक लगे, लेकिन इसका मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी पड़ता है। इससे परीक्षार्थियों को संदेश जाता है कि पूरी प्रणाली सतर्क है और किसी भी गलत प्रयास को तुरंत पकड़ा जा सकता है। कुल मिलाकर, इस नई पहल से उम्मीद की जा रही है कि राज्य की बोर्ड परीक्षाएं अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में संपन्न होंगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूत होगी। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में इसे और अधिक तकनीकी उपायों के साथ विस्तारित किया जा सकता है।



