यूपी में 1500 M-PACS होंगी हाईटेक, योगी सरकार बना रही कृषि सहकारिता को स्मार्ट

उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य की करीब 1500 मल्टी-पर्पज प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (M-PACS) को हाईटेक और स्मार्ट बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, किसानों को पारदर्शी और तेज सेवाएं उपलब्ध कराना तथा सहकारी ढांचे को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। इन समितियों में कंप्यूटरीकरण, ऑनलाइन लेखा प्रणाली, डिजिटल भुगतान सुविधा, कॉमन सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि किसानों को खाद-बीज वितरण, ऋण सुविधा, फसल बीमा और अन्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल सके। सरकार का मानना है कि जब सहकारी समितियां तकनीक से लैस होंगी तो बिचौलियों की भूमिका घटेगी और किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
स्मार्ट M-PACS मॉडल के तहत समितियों को बैंकिंग सेवाओं, वेयरहाउसिंग, जनसेवा केंद्र, बीज भंडारण और कृषि उपकरण किराए पर देने जैसी बहुउद्देश्यीय सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इससे गांव स्तर पर ही किसानों को वित्तीय और तकनीकी सहायता मिल सकेगी। डिजिटल रिकॉर्ड से पारदर्शिता बढ़ेगी और ऋण वितरण में तेजी आएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार इन समितियों को राष्ट्रीय स्तर के सहकारी नेटवर्क से भी जोड़ रही है, जिससे ई-मार्केटिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल केंद्र सरकार की सहकारिता सशक्तिकरण नीति के अनुरूप है और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन, किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।



