
अमेरिका की करेंसी को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अब अमेरिकी डॉलर पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह करीब 165 साल में पहली बार होगा, जब किसी सिटिंग या हालिया राष्ट्रपति का नाम या हस्ताक्षर नोट पर देखने को मिलेगा। इस खबर ने दुनियाभर में आर्थिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
दरअसल, अमेरिकी डॉलर पर पारंपरिक रूप से ट्रेजरी सेक्रेटरी और ट्रेजरर के हस्ताक्षर होते हैं, न कि राष्ट्रपति के। यह एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा है, जिसे अब तक नहीं बदला गया है। हालांकि, हाल के कुछ दावों में यह कहा जा रहा है कि ट्रंप के नाम या हस्ताक्षर को नोट पर शामिल करने की योजना पर विचार किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ऐसा कोई बदलाव होता है तो यह केवल तकनीकी या प्रशासनिक निर्णय नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व भी होगा। अमेरिकी करेंसी वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मुद्रा है, ऐसे में उस पर किसी राष्ट्रपति का नाम या हस्ताक्षर जुड़ना एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।
हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से भी ऐसी किसी योजना की पुष्टि नहीं हुई है। कई जानकार इसे महज एक अफवाह या अटकल मान रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी कानून और परंपराएं इतनी आसानी से नहीं बदली जातीं।
इतिहास पर नजर डालें तो अमेरिकी नोटों पर अब तक किसी सिटिंग राष्ट्रपति का हस्ताक्षर नहीं रहा है। नोटों पर आमतौर पर ऐतिहासिक हस्तियों की तस्वीरें होती हैं, लेकिन हस्ताक्षर हमेशा ट्रेजरी अधिकारियों के ही होते हैं। इसलिए यह दावा अपने आप में काफी असामान्य और चर्चा का विषय बन गया है।
कुल मिलाकर, अमेरिकी डॉलर पर ट्रंप के हस्ताक्षर को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे एक संभावित बदलाव या अटकल के रूप में ही देखा जाना चाहिए। निवेशकों और आम लोगों को ऐसी खबरों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।



