लखनऊ विधान भवन में शीतकालीन सत्र 2025, सीएम योगी ने रखी सरकार की प्राथमिकताएं

दिनांक 19 दिसंबर, 2025 को विधान भवन, लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इस सत्र के माध्यम से सरकार ने न केवल प्रदेश के विकास कार्यों की समीक्षा की, बल्कि भविष्य की योजनाओं और नीतिगत निर्णयों को भी सदन के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आर्थिक प्रगति, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीते वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के नए मानक स्थापित कर रहा है। शीतकालीन सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों, प्रस्तावों और बजट से संबंधित विषयों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाना है, चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या श्रमिक वर्ग। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन, निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
अपने वक्तव्य में योगी आदित्यनाथ जी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। शीतकालीन सत्र में विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रश्नों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने तथ्यों और आंकड़ों के साथ सरकार की उपलब्धियां सदन के सामने रखीं।
विधानसभा के इस शीतकालीन सत्र ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सक्रिय भागीदारी और स्पष्ट दृष्टिकोण ने यह संदेश दिया कि प्रदेश सरकार संवाद, सहमति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कुल मिलाकर, 19 दिसंबर 2025 का यह सत्र उत्तर प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।



