कुपोषण पर योगी सरकार का बड़ा वार: ‘संभव अभियान’ बना लाखों बच्चों के लिए जीवनरक्षक ढाल

उत्तर प्रदेश में कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चलाया जा रहा ‘संभव अभियान’ आज लाखों बच्चों के लिए जीवनरक्षक ढाल साबित हो रहा है। राज्य सरकार ने कुपोषित और अति-कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध पोषण, स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया। इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से घर-घर सर्वे कर बच्चों का वजन, लंबाई और स्वास्थ्य स्थिति दर्ज की गई। जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण के लक्षण पाए गए, उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कर विशेष आहार, दवाएं और नियमित निगरानी दी गई।
‘संभव अभियान’ की खासियत यह है कि यह केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता और रोकथाम पर भी समान रूप से जोर देता है। गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, टीकाकरण और स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि जन्म से पहले ही कुपोषण की कड़ी तोड़ी जा सके। गांवों में पोषण पखवाड़ा, जनजागरूकता रैलियां और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से परिवारों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और स्तनपान के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।
सरकार ने डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए प्रत्येक लाभार्थी का डेटा तैयार किया है, जिससे वास्तविक समय में प्रगति की समीक्षा संभव हो पाई है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए जा रहे हैं। परिणामस्वरूप कई जिलों में अति-कुपोषित बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
‘संभव अभियान’ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक दक्षता और सामुदायिक भागीदारी एक साथ आएं तो कुपोषण जैसी जटिल समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। लाखों बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में उठाया गया कदम पूरे समाज का भविष्य बदल सकता है।



