गोरखपुर में सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन | योग्य गुरु के महत्व पर बोले योगी

गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा और योग्य मार्गदर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को जीवन में योग्य गुरु मिल जाए तो कोई भी मनुष्य अयोग्य नहीं रह सकता। गुरु ही वह शक्ति हैं जो शिष्य के जीवन को दिशा देते हैं और उसके भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की महान परंपरा में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है, क्योंकि वही साधारण मनुष्य को असाधारण बनाने की क्षमता रखते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि गुरु केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। उन्होंने गोरक्षपीठ और संत परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब शिष्य अपने गुरु के बताए मार्ग पर चलता है, तो सफलता स्वयं उसके कदम चूमती है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः’ जैसे मंत्रों का विशेष महत्व है।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में नैतिकता, अनुशासन और परिश्रम को आत्मसात करना ही सच्ची शिक्षा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे जीवन में सही मार्गदर्शन और गुरु के बताए रास्ते पर चलेंगे तो निश्चित ही वे समाज और देश की सेवा कर पाएंगे।
सीएम योगी ने गुरु-शिष्य संबंध को समाज की धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि जब भी किसी महान व्यक्तित्व की बात की जाती है तो उसके पीछे हमेशा किसी योग्य गुरु का हाथ होता है। चाहे वह चंद्रगुप्त मौर्य हों जिनके गुरु आचार्य चाणक्य थे, या फिर भगवान श्रीराम जिन्हें महर्षि वशिष्ठ और विश्वामित्र जैसे गुरु मिले। इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि योग्य गुरु किसी भी सामान्य व्यक्ति को महान बना सकते हैं।
गोरखपुर में उनके इस प्रेरणादायी संबोधन को सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा। योगी आदित्यनाथ ने अंत में कहा कि यदि हम सभी अपने जीवन में गुरु के महत्व को समझें और उनके मार्गदर्शन को आत्मसात करें तो व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन दोनों ही सफल और समृद्ध हो सकते हैं।



