मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के लिए केवल सरकारी खर्च पर्याप्त नहीं होगा। आवश्यक निवेश जुटाने में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। यह बात उन्होंने नई दिल्ली में ‘Financing India’s Journey towards Viksit Bharat’ सम्मेलन के दौरान कही।
नागेश्वरन ने राज्यों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए राज्यों में भी निवेश क्षमता और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने राज्यों से निजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने, भूमि, बिजली और लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता बेहतर करने तथा प्रभावी सिंगल-विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था पर ध्यान देने को कहा।
सीईए ने निवेश की गुणवत्ता सुधारने के लिए बेहतर प्रोजेक्ट तैयारी और विश्वसनीय परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत भी बताई। इससे घरेलू और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों से परियोजनाओं के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है। साथ ही विकास की संभावनाओं वाले ऐसे जिलों में ऋण पहुंचाने पर जोर दिया गया जहां अभी वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अपेक्षाकृत कम है।
बैठक में राज्यों के पूंजीगत व्यय को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। वित्तीय सीमाओं के बावजूद राज्यों से उत्पादक निवेश बढ़ाने और निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने की बात कही गई। सम्मेलन में कृषि क्षेत्र के बदलाव और ऊर्जा संक्रमण के लिए वित्तीय जरूरतों पर भी चर्चा हुई।