


वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत (India) की कूटनीति एक बार फिर चर्चा में है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने राजदूतों और उच्चायुक्तों के एक महत्वपूर्ण सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश की विदेश नीति और रणनीतिक दृष्टिकोण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत को अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए संतुलित और सक्रिय कूटनीति अपनानी होगी। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों में तैनात भारतीय राजनयिकों ने भी भाग लिया।
जयशंकर ने यह भी संकेत दिया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, खासकर आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में।
फिलहाल यह सम्मेलन भारत की विदेश नीति और वैश्विक रणनीति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में कई नीतिगत निर्णय प्रभावित हो सकते हैं।