


होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सख्ती के चलते दो भारतीय जहाजों को अपनी यात्रा बीच में ही रोककर वापस लौटना पड़ा। इनमें भाग्य लक्ष्मी (जहाज) भी शामिल है, जो अपने निर्धारित मार्ग पर आगे नहीं बढ़ सका। इस घटनाक्रम ने समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
भारत सरकार ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में निर्बाध आवाजाही बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय ने संबंधित पक्षों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर बड़ा असर डाल सकती है, इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है।