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देश के कुल दुग्ध उत्पादन में पूर्वोत्तर की हिस्सेदारी हो 20 फीसदी : शाह

गंगटोक। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर को दुग्ध उत्पादन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत है। अभी इन राज्यों की देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 12 फीसदी का योगदान है। इसे 20 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। शाह ने शुक्रवार को गंगटोक में आयोजित ‘सहकारी डेयरी सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि सिक्किम में हर दिन दो लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसे और बढ़ाने की जरूरत है।

यह लोगों की आमदनी बढ़ाने का एक मजबूत जरिया है। डेयरी को किसान की समृद्धि का साधन बनाया जा सके इस दिशा में और काम करने की जरूरत है। दूध की उपलब्धता बढ़ने से बच्चों को पोषण मिलेगा। महिला सशक्तिकरण और गरीबी उन्मूलन की ओर हम तेजी से बढ़ सकेंगे। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने तय किया है कि अगले पांच वर्ष के अंदर देश की हर पंचायत में एक डेयरी स्थापित की जाए।

शाह ने कहा कि देश में करीब 70 फीसदी दूध असंगठित क्षेत्र से बाजार में आता है। जिसके कारण किसानों को दूध का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र को इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचने की जरूर है। उन्होंने कहा कि हमें दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उसके सही विपणन आदि के बारे में सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के दायरे को बढ़ाने के लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पैक्स के दायरे को बढ़ाया जा रहा है। कई तरह के नये कार्य भी पैक्स के माध्यम से किए जा सकेंगे। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। सहकारिता के माध्यम से देश के किसानों, शिल्पकारों, मछुआरों, आदिवासियों को सशक्त करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय सहकारी दुग्ध महासंघ (एनसीडीएफआई) द्वारा सिक्किम दुग्ध उत्पादक संघ के सहयोग से किया गया।

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