
गाइ परमेलिन तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है और 2026 में उनकी दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में शामिल होने भारत आए थे।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन की बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते यानी TEPA को लागू हुए एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ था और इसमें भारत के साथ स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।
बैठक में व्यापार और निवेश के अलावा विज्ञान, तकनीक, नवाचार, मोबिलिटी, बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। भारत और स्विट्जरलैंड ने आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ भारतीय निर्यात और स्विस निवेश के लिए नए अवसर तलाशने पर जोर दिया।
परमेलिन की यात्रा के दौरान भारत-ईएफटीए सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान है। 7 अक्टूबर को दूसरे India-EFTA Prosperity Summit का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें निवेश और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा होगी।
भारत और स्विट्जरलैंड ने सोमवार को मोबिलिटी से जुड़े समझौते सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते भी किए। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, इससे भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए स्विट्जरलैंड में अवसरों का विस्तार हो सकता है।



