
भारत-ओमान बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि गहरे भरोसे और आपसी सम्मान की मजबूत नींव पर टिके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध आज आधुनिक आर्थिक साझेदारी में बदल चुके हैं, जो दोनों देशों के लिए समान रूप से लाभकारी हैं। पीएम मोदी ने बताया कि ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत का एक अहम रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, लॉजिस्टिक्स, आईटी, हेल्थकेयर और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और ओमान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति मिलकर वैश्विक सप्लाई चेन में नई संभावनाएं पैदा कर रही हैं। समिट में प्रधानमंत्री ने भारत में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों का उल्लेख किया और ओमानी निवेशकों को भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और आने वाले वर्षों में यह वैश्विक विकास का इंजन बनेगा। पीएम मोदी ने दोनों देशों के कारोबारियों से आपसी सहयोग बढ़ाने, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को प्रोत्साहित करने और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत-ओमान संबंधों की सबसे बड़ी ताकत लोगों से लोगों के बीच का जुड़ाव है, जिसमें भारतीय प्रवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बिजनेस समिट भारत और ओमान के आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देगा और आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी और भी मजबूत होगी, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता, समृद्धि और साझा विकास को बढ़ावा मिलेगा।



