


प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को संबोधित करते हुए लोकहित को प्रशासनिक निर्णयों का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी नीति, योजना या प्रशासनिक कदम का अंतिम उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे निर्णय लेते समय केवल नियमों और प्रक्रियाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उनके सामाजिक प्रभाव और जनता की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखें। उन्होंने प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुशासन की आधारशिला बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने बदलते समय के अनुरूप नवाचार, तकनीक के बेहतर उपयोग और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि प्रशासनिक सेवाओं की वास्तविक सफलता तभी है, जब सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि सिविल सेवाएं केवल एक करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि लोकहित को सर्वोपरि रखकर लिए गए निर्णय न केवल प्रशासन को मजबूत बनाते हैं, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ाते हैं।