
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उद्योग जगत से देश की तेज रफ्तार “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार होकर नवाचार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत आज व्यापक आर्थिक सुधारों, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नीति स्थिरता के दौर से गुजर रहा है, जिसका लाभ उठाने का यह सबसे उपयुक्त समय है। पीएम ने जोर देकर कहा कि सरकार ने कर प्रणाली को सरल बनाया है, उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं (PLI) के माध्यम से विनिर्माण को बढ़ावा दिया है और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया है। ऐसे में निजी क्षेत्र की जिम्मेदारी है कि वह रिसर्च एंड डेवलपमेंट, नई तकनीकों और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की भागीदारी बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाए।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति के इस दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। यदि भारतीय कंपनियां इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाती हैं, तो देश न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि वैश्विक बाजार में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा। उन्होंने उद्योगों से आग्रह किया कि वे केवल मुनाफे तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दें।
पीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी नीतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए कारोबारी माहौल को लगातार सुधारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार और उद्योग साथ मिलकर काम करते हैं, तभी देश तेजी से आगे बढ़ता है। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, और इसमें उद्योग जगत की भूमिका निर्णायक रहने वाली है।



