
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को तीन नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण का समारोह हुआ। CJI सूर्यकांत ने जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को पद की शपथ दिलाई।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश थीं। उनके सुप्रीम कोर्ट में आने के बाद शीर्ष अदालत में महिला न्यायाधीशों की संख्या तीन हो गई है।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे, जबकि जस्टिस अपरेश कुमार सिंह तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। जस्टिस सिंह इससे पहले त्रिपुरा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं।
इन तीनों नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट की कार्यरत संख्या 34 से बढ़कर 37 हो गई है। शीर्ष अदालत की स्वीकृत न्यायाधीश संख्या 38 है, यानी अब केवल एक पद रिक्त है।
तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर 2026 को सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने 5 अक्टूबर को नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की और इसके अगले दिन तीनों ने शपथ ली।
सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ाने के लिहाज से ये नियुक्तियां महत्वपूर्ण हैं। अगस्त 2026 में राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी।



