देशबड़ी खबर

स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन को लेकर बड़ी खबर, भारत बायोटेक के Covaxin को मिली WHO की मंजूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तकनीकी परामर्शदाता समूह (Technical Advisory Group) ने बुधवार को भारत बायोटेक के कोरोना रोधी टीके कोवैक्सीन (Covaxin) को आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) में शामिल कर लिया है. डब्ल्यूएचओ ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग को स्वीकार कर लिया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन से मंजूरी मिलने के बाद अब कोवैक्‍सीन का टीका लगवा चुके लोग बिना रोक-टोक विदेश यात्रा कर सकेंगे. कोवैक्‍सीन को छोड़कर अब तक 6 टीकों को WHO से मंजूरी मिल चुकी है. इसमें फाइजर/बायोएनटेक की कोमिरनेटी, एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड, जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन, मॉडर्न की एमआरएनए-1273, सिनोफार्म की बीबीआईबीपी-कोरवी और सिनोवैक की कोरोनावैक शामिल है.

अब 12 महीने तक लगाई जा सकेगी कोवैक्‍सीन

इसके साथ ही सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने कोवैक्सीन की सेल्फ लाइफ 12 महीने तक बढ़ा दी है. इसका मतलब अब कोवैक्‍सीन को निर्माण की तारीख से 12 महीने तक इस्‍तेमाल किया जा सकेगा. कंपनी ने वैक्‍सीन का डेटा सीडीएससीओ के पास भेजा था, जिसकी जांच के बाद यह मंजूरी दी गई है.

मनसुख मंडाविया ने जताया आभार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कोवैक्‍सीन को मंजूरी देने को लेकर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन का आभार जताया है.
उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘यह समर्थ नेतृत्व की निशानी है,
यह मोदी जी के संकल्प की कहानी है,
यह देशवासियों के विश्वास की ज़ुबानी है,
यह आत्मनिर्भर भारत की दिवाली है.’

डब्‍ल्‍यूएचओ ने काफी लंबे इंतजार के बाद कोवैक्‍सीन को मंजूरी दी है. भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल महीने में ही अपना प्रेजेंटेशन भेज दिया था. इसके बावजूद स्‍वदेशी कंपनी को काफी समय समय तक इंतजार करना पड़ा. इससे पहले हुई बैठक को लेकर डब्ल्यूएचओ ने कहा था, ‘तकनीकी सलाहकार समूह ने बैठक में फैसला किया कि टीके के वैश्विक उपयोग के मद्देनजर अंतिम लाभ-जोखिम मूल्यांकन के वास्ते निर्माता से अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगे जाने की जरूरत है.’ यह दूसरी बार था जब WHO ने भारत बायोटेक से स्पष्टीकरण मांगा था. वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि टीका सुरक्षित और प्रभावी है यह सुनिश्चित करने के लिए उसका पूरी तरह से मूल्यांकन करना होगा.

13 देश पहले ही दे चुके हैं मंजूरी

डब्‍ल्‍यूएचओ की मंजूरी से पहले कई ऐसे देश हैं जिन्‍होंने यात्रियों को अपने देशों में प्रवेश करने की अनुमति देने के लिए कोवैक्सिन को मंजूरी दी है. इन देशों में गयाना, ईरान, मॉरीशस, मेक्सिको, नेपाल, पराग्वे, फिलीपींस, जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया, ओमान, श्रीलंका, एस्टोनिया और यूनान का नाम शामिल है.

अभी एक दिन पहले ही ऑस्ट्रेलिया के औषधि और चिकित्सा उपकरणों के नियामक ने भारत के कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन को औपचारिक रूप से मान्यता दी. भारत बायोटेक के कोवैक्सीन और एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के कोविशील्ड भारत में व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले दो टीके हैं. ऑस्ट्रेलिया कोविशील्ड को पहले ही मान्यता दे चुका है.

Related Articles

Back to top button
65 साल के बुजुर्ग ने की बच्ची से हैवानियत: बहाने से घर बुलाकर किया रेप, चल भी नहीं पा रही थी मासूम अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 17 से शुरू होगा मुख्य अनुष्ठान, जानिए किस दिन होगा कौन सा पूजन रॉयल एनफील्ड हिमालयन 450 बनाम केटीएम 390 एडवेंचर बनाम बीएमडब्ल्यू जी 310 जीएस: स्पेक्स, कीमत की तुलना देखिए काशी की अद्भुत देव दीपावली: 10 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, ड्रोन से गंगा घाट की ये तस्वीरें मोह लेंगी