धर्म-आस्था
Ahoi Ashtami 2026: अहोई अष्टमी व्रत कब है, जानें तारीख और महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अहोई अष्टमी का व्रत सूर्योदय से लेकर शाम तक रखा जाता है और शाम को अहोई माता की पूजा के बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलने की परंपरा है। कई महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद भी पारण करती हैं। अहोई अष्टमी को संतान की मंगलकामना से जुड़ा महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है।
अहोई अष्टमी कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। परंपरा के अनुसार इस दिन अहोई माता का चित्र बनाकर पूजा की जाती है और स्याहू तथा उसके बच्चों की आकृति या माला का भी पूजन किया जाता है। यह जानकारी धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित है।



