Varuthini Ekadashi 2026 और Mohini Ekadashi 2026: अप्रैल में कब रखें व्रत, जानें सही तिथि और समय

अप्रैल 2026 में आने वाली एकादशी तिथियों का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इस महीने दो प्रमुख एकादशी व्रत पड़ रहे हैं—वरूथिनी एकादशी और मोहिनी एकादशी। ये दोनों व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होते हैं और मान्यता है कि इनका पालन करने से सभी पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
वरूथिनी एकादशी 2026 में अप्रैल महीने के पहले पखवाड़े में पड़ने की संभावना है। यह एकादशी वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में आती है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन दान-पुण्य और गरीबों की सहायता करना विशेष फलदायी माना जाता है।
इसके बाद मोहिनी एकादशी आती है, जो वैशाख शुक्ल पक्ष में पड़ती है। यह एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से जुड़ी हुई है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, मोहिनी अवतार में भगवान विष्णु ने देवताओं को अमृत पिलाकर असुरों से रक्षा की थी। इसलिए इस एकादशी को बहुत ही शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से सभी प्रकार के दुख और संकट दूर होते हैं।
दोनों एकादशियों के दौरान सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए और व्रत का संकल्प लेना चाहिए। दिनभर फलाहार या निर्जल उपवास रखा जाता है और शाम को भगवान विष्णु की आरती की जाती है। अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण किया जाता है।
इन एकादशी तिथियों का मुहूर्त पंचांग के अनुसार निर्धारित होता है, इसलिए सही समय पर व्रत शुरू करना और समाप्त करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। श्रद्धा और नियम से किया गया यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
अप्रैल 2026 की ये दोनों एकादशियाँ धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और भक्तों के लिए विशेष फल देने वाली मानी जाती हैं।



