आज का पंचांग 16 अक्टूबर 2026: नवरात्रि छठा दिन, अभिजीत मुहूर्त

हिंदू धर्म में दिन की शुरुआत पंचांग देखने के साथ करने की परंपरा है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय और सूर्यास्त जैसी जानकारियां प्राप्त होती हैं। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन बताया गया है। इस दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भक्त इस दिन माता रानी की आराधना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा
शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल की सफाई कर माता की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाते हैं और पुष्प, फल तथा नैवेद्य अर्पित करते हैं। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्र जाप और आरती की जाती है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को साहस और आत्मविश्वास की प्रेरणा मिलती है।
अभिजीत मुहूर्त और शुभ कार्यों का महत्व
हिंदू पंचांग में अभिजीत मुहूर्त को कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है। इस अवधि में पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य मांगलिक कार्य करने की परंपरा है। हालांकि, अभिजीत मुहूर्त का सटीक समय स्थान और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए किसी विशेष कार्य की शुरुआत करने से पहले अपने शहर के पंचांग में दिए गए समय की पुष्टि करना उचित है।
आज राहुकाल में रखें विशेष ध्यान
पंचांग में राहुकाल को पारंपरिक रूप से शुभ कार्यों की नई शुरुआत के लिए टालने की सलाह दी जाती है। यह समय वार और स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के आधार पर निर्धारित होता है। इसलिए 16 अक्टूबर 2026 को किसी नए या मांगलिक कार्य की योजना बनाते समय स्थानीय पंचांग के अनुसार राहुकाल और अन्य मुहूर्त देख लें।
धार्मिक कार्यों से पहले पंचांग की पुष्टि जरूरी
आज का पंचांग देखने से दिनभर के धार्मिक कार्यक्रमों और शुभ कार्यों की योजना बनाने में मदद मिलती है। तिथि, नक्षत्र, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल के समय में शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इस लेख में सटीक समयों का उल्लेख करने से पहले संबंधित शहर के विश्वसनीय पंचांग से पुष्टि अवश्य करें। धार्मिक मुहूर्त पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं।



