Duleep Trophy Final: ईशान किशन का तूफान, 270 रन से ईस्ट जोन का 708 रन

दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया कि साउथ जोन के गेंदबाजों के लिए उन्हें रोकना मुश्किल हो गया। किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
ईशान किशन की पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए। टीम ने 163 ओवर तक बल्लेबाजी की और साउथ जोन के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
किशन ने अपनी 270 रन की पारी में 30 चौके और सात छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ लंबी पारी खेलने का धैर्य भी देखने को मिला।
ईशान किशन तिहरा शतक लगाने से जरूर चूक गए, लेकिन उनकी यह पारी दलीप ट्रॉफी फाइनल की यादगार पारियों में शामिल हो गई। उन्होंने अकेले दम पर ईस्ट जोन के स्कोर को 700 के पार पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
किशन को कुमार कुशाग्र का भी शानदार साथ मिला। कुशाग्र ने 101 रन की पारी खेली और दोनों ने मिलकर ईस्ट जोन की पारी को मजबूती दी। कुशाग्र का शतक दलीप ट्रॉफी में उनका पहला शतक बताया गया है।
ईस्ट जोन की बल्लेबाजी में सिर्फ किशन और कुशाग्र ही नहीं, बल्कि अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी योगदान दिया। टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
ईशान किशन की इस पारी ने लाल गेंद के क्रिकेट में उनकी क्षमता को एक बार फिर सामने रखा है। 270 रन की इस पारी के बाद उनके टेस्ट क्रिकेट में वापसी की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाकर साउथ जोन के सामने बड़ी चुनौती रख दी है। 700 से ज्यादा का स्कोर विपक्षी टीम पर शुरुआत से ही दबाव बनाने के लिए काफी मजबूत माना जा रहा है।
ईस्ट जोन की पारी में ईशान किशन का प्रदर्शन सबसे बड़ा आकर्षण रहा। कप्तान के तौर पर उन्होंने न सिर्फ बड़ी पारी खेली, बल्कि टीम को फाइनल में मजबूत स्थिति तक पहुंचाने में नेतृत्व की भूमिका भी निभाई।
कुल मिलाकर दलीप ट्रॉफी फाइनल का दूसरा दिन ईशान किशन और ईस्ट जोन के नाम रहा। किशन के 270 रन और कुशाग्र के शतक की मदद से ईस्ट जोन ने 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया है। अब साउथ जोन के बल्लेबाजों के सामने इस बड़े स्कोर का जवाब देने की चुनौती है।



