Savita Punia Retirement Plan: अब ओलंपिक मेडल पर नजर

भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार गोलकीपर सविता पूनिया ने पिछले साल हॉकी से संन्यास लेने का मन बना लिया था। उन्होंने हॉकी इंडिया को ईमेल करके अपने फैसले की जानकारी भी दी थी। हालांकि, उन्हें खेल जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। नए कोचिंग स्टाफ के आने और टीम के प्रदर्शन में सुधार के बाद सविता का आत्मविश्वास लौटा। एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब उन्होंने अपना ध्यान ओलंपिक पदक पर केंद्रित कर दिया है।
एशियन गेम्स में भारत की ऐतिहासिक जीत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। इस जीत के साथ टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई भी किया। चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले में सविता पूनिया ने अहम पेनल्टी स्ट्रोक बचाया, जिसने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस उपलब्धि ने टीम के साथ-साथ सविता को भी आगामी ओलंपिक के लिए नई उम्मीद दी है।
लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में मेडल जीतना है लक्ष्य
सविता पूनिया का सपना ओलंपिक पोडियम पर खड़े होकर भारत के लिए पदक जीतना है। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम चौथे स्थान पर रही थी, जिसके बाद पेरिस ओलंपिक के लिए टीम क्वालीफाई नहीं कर सकी। अब एशियन गेम्स में मिली सफलता और ओलंपिक का सीधा टिकट मिलने से टीम को तैयारी के लिए अहम समय मिला है। सविता का मानना है कि सही रणनीति, आपसी तालमेल और मेहनत के दम पर टीम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ सकती है।
चोट से वापसी और कोचिंग स्टाफ का योगदान
सविता ने टखने की सर्जरी के बाद मैदान पर वापसी की और अपनी फिटनेस तथा गोलकीपिंग पर मेहनत जारी रखी। उन्होंने अपनी वापसी में कोचिंग स्टाफ और सहयोगी सदस्यों के योगदान को भी अहम बताया। सविता के अनुसार, गोलकीपर का प्रदर्शन केवल व्यक्तिगत कौशल पर निर्भर नहीं करता, बल्कि कोच, ट्रेनिंग और पूरी टीम के सहयोग से बेहतर होता है।
संन्यास के बाद भी हॉकी से जुड़ी रहेंगी सविता
सविता पूनिया ने संकेत दिया है कि संन्यास लेने के बाद भी वह हॉकी से दूर नहीं होंगी। वह भविष्य में अपनी गोलकीपिंग अकादमी खोलना चाहती हैं, ताकि घरेलू स्तर पर युवा गोलकीपरों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। उनका उद्देश्य भारतीय हॉकी के लिए प्रतिभाशाली गोलकीपर तैयार करना है। फिलहाल उनकी प्राथमिकता खेल जारी रखते हुए लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में पदक जीतने के सपने को पूरा करना है।



