उत्तर प्रदेशलखनऊ

फर्जी निविदा आदेश से करोड़ों की ठगी के आरोपियों को STF ने किया गिरफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ का फर्जी निविदा आदेश जारी करके करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश के बाद की गयी है।

एसटीएफ के आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उप सचिव के नाम से जाली निविदा आदेश जारी करके करोड़ों रुपयों की ठगी करने के आरोप में एसटीएफ ने 12/13 अक्टूबर की दरम्यानी रात गिरोह के सरगना संतोष सेमवाल को दिल्ली, माया तिवारी को प्रयागराज और अभिषेक तिवारी को जौनपुर से गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों ने बताया कि इन आरोपियों के कब्जे से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के जाली दस्तावेजों की प्रतियां बरामद की गयी हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसी साल जुलाई में एसटीएफ को एक पत्र भेजकर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उप सचिव के नाम से ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के जाली निविदा आदेश जारी करके करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। सूत्रों ने बताया कि जांच में पता लगा कि गिरोह के सरगना संतोष सेमवाल ने उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उप सचिव के नाम से फर्जी निविदा आदेश जारी करके उससे सम्बन्धित पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय से मिलते-जुलते नाम वाली ईमेल आईडी से भेजे थे और इसके जरिये उसने 55 लाख रुपये की ठगी की थी।

सूत्रों के अनुसार सेमवाल ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया है कि वर्ष 2018 में वह नौकरी के सिलसिले में दिल्ली आया था और वहां उसकी मुलाकात अनुज कुमार, माया तिवारी और राकेश अग्रवाल नामक व्यक्तियों से हुई। सूत्रों के अनुसार उसने बताया कि इन लोगों ने उसकी मुलाकात अरुण रावत से करायी और उसका परिचय प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात संयुक्त सचिव के रूप में कराया। सूत्रों के अनुसार सेमवाल ने पूछताछ में एसटीएफ को बताया कि एक दिन अरूण रावत ने उसे ई-राशन कार्ड से सम्बन्धित निविदा के बारे में बताया और कहा कि वह उसे यह टेंडर दिलवा सकता है जिसके लिए प्रति जोन दो लाख रुपये कमीशन और तीन लाख 15 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट लगेगा।

सेमवाल ने बताया कि रावत ने उससे कहा कि वह जितने लोगों को लाएगा उतने के हिसाब से उसे कमीशन मिलेगा। सेमवाल ने बताया कि इसके बाद उसने, अभिषेक तिवारी और खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में मुख्य सचिव बताने वाली माया तिवारी के साथ-साथ अरूण रावत और बृजेश ने ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के फर्जी निविदा आदेश जारी करके करोड़ों रुपये की ठगी की और केन्द्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रमुख सचिव, सचिव आदि के नाम के फर्जी अनुबन्ध पत्र तैयार करके ठगी के शिकार लोगों के व्हाट्सऐप और ईमेल पर भेजे। इस मामले में जौनपुर के सरांयख्वाजा थाने में मामला दर्ज करके कार्यवाही की जा रही है।

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