जौहर ट्रस्ट मनी लॉन्ड्रिंग केस: आजम खान के करीबी सालिम से फिर पूछताछ

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी के कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी अब ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों से दोबारा पूछताछ कर वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
ईडी ने आजम खान के करीबी बताए जाने वाले सालिम को बुधवार, 21 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। वहीं, अनवर को 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन भेजा गया है। जांच एजेंसी दोनों से वित्तीय लेन-देन, चंदे की रकम और संबंधित दस्तावेजों के बारे में सवाल कर सकती है।
सालिम से तीसरी बार होगी पूछताछ
जौहर ट्रस्ट मामले में ईडी सालिम से पहले भी पूछताछ कर चुकी है। अब उन्हें फिर से तलब किया गया है। जांच के दौरान उनके बयानों और एएंडएस फर्म से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज जानकारियों का मिलान किया जा रहा है।
एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रस्ट को मिली रकम का स्रोत क्या था और उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। पूछताछ में सामने आने वाली जानकारियों का वित्तीय रिकॉर्ड से सत्यापन किया जा रहा है।
अनवर से भी वित्तीय लेन-देन पर सवाल
ईडी ने अनवर को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े निर्माण कार्यों, ठेकेदारों तथा विभिन्न कंपनियों के बीच हुए कथित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
इस जांच का उद्देश्य संबंधित धनराशि के स्रोत, उसके हस्तांतरण और इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है। पूछताछ के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों को आधार बनाया जा रहा है।
आजम खान से जेल में हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में ईडी ने 13 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से करीब साढ़े सात से आठ घंटे तक पूछताछ की थी। उनसे जौहर ट्रस्ट को मिले चंदे के स्रोत, विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए खर्च और विभिन्न कंपनियों के साथ हुए वित्तीय लेन-देन के संबंध में सवाल किए गए थे।
इससे पहले एजेंसी सपा विधायक नसीर अहमद खान, जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर चुकी है।
चंदे और निर्माण खर्च की जांच
ईडी की जांच में ट्रस्ट को मिले दान, विश्वविद्यालय में हुए निर्माण कार्यों और सरकारी परियोजनाओं से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन पर ध्यान दिया जा रहा है। एजेंसी दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विभिन्न स्रोतों से आई रकम का उपयोग किस तरह हुआ।
जांच एजेंसी ने इस मामले में पहले भी तलाशी और पूछताछ की कार्रवाई की है। हालिया समन उसी जांच की अगली कड़ी हैं।
जांच जारी, आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष बाकी
जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में ईडी वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। पूछताछ के लिए समन जारी होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।



