यूपी में हर पेड़ को मिलेगी यूनिक आईडी, योगी सरकार बनाएगी हरित संपदा का डिजिटल डेटा बैंक

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की हरित संपदा के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के लिए एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत प्रदेश के पेड़ों को यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी और उनका विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य राज्य में मौजूद हरित संसाधनों का सटीक आंकड़ा जुटाना और उनके संरक्षण की दिशा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना है। डिजिटल डेटा बैंक में पेड़ों की प्रजाति, स्थान, आयु, स्वास्थ्य स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। नई पहल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से वृक्षारोपण अभियानों की निगरानी आसान होगी और यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में कितने पेड़ मौजूद हैं तथा उनकी स्थिति क्या है। इससे पर्यावरणीय योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन भी अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा।
वन और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार डिजिटल डेटा बैंक भविष्य में नीति निर्माण, शहरी नियोजन, वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रयासों में भी उपयोगी साबित हो सकता है। इससे पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तकनीक आधारित निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो उत्तर प्रदेश हरित संपदा के डिजिटल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।



