भूजल सप्ताह-2023 के तहत स्वंय सेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं से भूजल संवाद

उत्तर प्रदेश देश का एक मात्र राज्य है जहां भूगर्भ जल संरक्षण एवं संवर्धन पर जागरूकता के लिए प्रत्येक वर्ष भूजल सप्ताह 16 से 22 जुलाई के मध्य प्रदेश के सभी जनपदों में विभिन्न जल-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार अभिनव प्रयास करने हेतु भूगर्भ विभाग, उ0प्र0 द्वारा भूजल सप्ताह के द्वितीय दिवस के अवसर पर प्रदेश मे भूजल संचयन एवं संवर्धन क्षेत्र में स्वंय सेवी संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं तथा छात्र-छात्रओं द्वारा किये जाने वाले नवाचार एवं उल्लेखनिय प्रयासों पर परिचर्चा हेतु राजेश पाण्डेय,विशेष सचिव, नमामि गंगे ग्रामीण जलापूर्ति विभाग एवं की अध्क्षयता मे राज्य मुख्यालय भूजल भवन लखनऊ में एक र्वचुवल कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के उद्घाटन उद्बोधन में विशेष सचिव, राजेश पाण्डेय द्वारा जल की महत्ता को बताते हुए कहा गया कि ’’जल ही जीवन है, बिना जल के जीवन नही जल को सहेजना होगा इसके बिना भविष्य नहीं’’ अतएव इसके बारे में जन जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार किये जाने की अत्यन्त आवश्यकता एवं अनिवार्यता है। श्री पाण्डेय द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी स्वंय सेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संस्थाओं को जल संचयन के क्षेत्र में उल्लेखनिय कार्यो हेतु बधाई भी दी गई।
आज की कार्यशाला में प्रमुखतः मेरठ, बारांबकी, सहारनपुर, अयोध्या, मुरादाबाद, आगरा, हाथरस, झॉसी, ललितपुर, बॉदा, प्रयागराज, मिर्जापुर, आजमगढ़, बरेली तथा राजधानी लखनऊ से वाटरएड, स्वप्न फाउन्डेशन एवं आगा खाँ जैसी प्रख्यात सामाजिक संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधियों द्वारा जल संचयन तथा पर्यावरण के क्षेत्र में किये गये कार्यो का प्रस्तुतिकरण दिया गया।
कार्यशाला के दौरान मेरठ से बी0डी0 शर्मा द्वारा ’’वर्षा जल’’ संग्रहण, सावन्त कनौजिया द्वारा जल चौपाल, बाराबंकी से मोनू भास्कर द्वारा वृक्षारोपण, झॉसी से परमार्थ द्वारा जल सहेली, तालाबों के गहरीकरण एवं नदियों के पुर्नजीवन, आगरा के तोमर द्वारा सरोवर एवं तालाब-टापू अभियान तथा जल गुल्लक पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया, इसके साथ ही मुरादाबाद एवं आजमगढ़ की संस्थाओं द्वारा ’’वाटर फुट प्रिन्ट’’ एवं सेन्सर टेक्नोलोजी द्वारा जल र्बबादी को रोकने की नई तकनीक के बारे में अवगत कराया गया।
कार्यशाला में पद्मश्री से सम्मानित बॉदा से उमा शंकर पाण्डेय द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र में उनके द्वारा किये गये कार्यो एवं तालाबों के गहरीकरण तथा खेत पर मेढ़ और मेढ़ पर पेड़ इत्यादि कार्यो के विषय में विस्तार से बताया गया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आहवन किया गया संस्था आगा खाँ, वाटरएड एवं स्वप्न फाउन्डेशन द्वारा भूजल संचयन संर्वधन एवं पर्यावरण से सम्बन्धित किये जाने वाले कार्यो पर प्रस्तुतिकरण दिया गया तथा भूजल सप्ताह में आगामी कार्ययोजनाए भी बतायी गई।
कार्यक्रम के अन्त में वी0के0 उपाध्याय, निदेशक, भूगर्भ जल विभाग ने सभी स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वास दिलाया गया कि उनके द्वारा साझा किये गये सुझावों को विभाग द्वारा अमल में लाया जाएगा तथा उनके अनुभवों को आगामी विभाग की योजनाये बनाने में उपयोग में लाया जाएगा। साथ ही उन्होने सभी से भूजल सप्ताह में उत्साह पूर्वक सहभाग करने का आहवाहन भी किया।
’’यह संकल्प निभाना है, हर एक बूँद बचाना है।।’’



