
Uttar Pradesh में सड़क निर्माण को लेकर सरकार ने नई नीति लागू की है, जिसके तहत अब उन क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जहां सीवर और पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं है। इस फैसले का उद्देश्य बार-बार सड़कों की खुदाई और मरम्मत की समस्या को कम करना है।
अक्सर देखा गया है कि पक्की सड़कों के निर्माण के बाद सीवर या पाइपलाइन डालने के लिए उन्हें दोबारा तोड़ा जाता है, जिससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होती है, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में इंटरलॉकिंग मार्ग एक बेहतर विकल्प के रूप में सामने आए हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर आसानी से हटाकर फिर से लगाया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से निर्माण कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय तक सड़कों की गुणवत्ता बनी रहेगी। साथ ही, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को अधिक व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा सकेगा।



