उत्तर प्रदेशलखनऊ

जैव विविधता एवं प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर गौतम बुद्ध नगर का ओखला पक्षी विहार

परिचय


यमुना नदी के ओखला बैराज के पास स्थित ओखला पक्षी विहार एक अद्वितीय स्थल है। यह नोएडा, गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित होता है और दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसा हुआ है। यह स्थल उन 300 से अधिक पक्षियों का घर है, विशेष रूप से जल पक्षियों का। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1972 के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत 1990 में यमुना नदी पर 3.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पक्षी विहार के रूप में मान्यता दी।

  • नदी का स्वर्गीय दृश्य

ओखला पक्षी विहार यमुना नदी की दिल्ली सीमा को छोड़कर उत्तर प्रदेश में स्थित है। यह यमुना के पंद्रह पक्षी विहारों में से एक है और इसके आसपास का क्षेत्र अद्वितीय दृश्यों से भरपूर है। यमुना नदी के जल संचारन के बाद, ओखला बैराज के पास का क्षेत्र पक्षी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहाँ की बड़ी झील, जो पश्चिम में ओखला गांव और पूर्व में गौतमबुद्धनगर के बीच स्थित है, पक्षियों के लिए एक आदर्श स्थल है।

  • जैव विविधता

इस विहार में पौधों की 188 से अधिक प्रजातियाँ और पक्षियों की 320 से अधिक प्रजातियाँ है। यहाँ के पौधे जड़ी-बूटियों से लेकर पेड़ों और घास की प्रजातियों तक विविधता का प्रदर्शन करते हैं। यदि हम पक्षियों की ओर देखें तो 20 प्रजातियाँ सामान्य निवासी जल पक्षियों की हैं, 44 प्रजातियाँ सामान्य निवासी वुडलैंड पक्षियों की, 43 प्रजातियाँ प्रवासी जल पक्षियों की, और 26 प्रजातियाँ प्रवासी वुडलैंड पक्षियों की हैं।

  • प्राकृतिक सौंदर्य

यहाँ के पौधों की विविधता के साथ-साथ ओखला पक्षी विहार का प्राकृतिक सौंदर्य भी महत्वपूर्ण है। यहाँ की कांटेदार झाड़ियाँ, घास के मैदान और आर्द्रभूमि विभिन्न प्राणियों को आकर्षित करती है। ओखला बैराज के निर्माण यह आर्द्रभूमि बनी थी और इसके परिणामस्वरूप यह स्थल भारत के 466 महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्रों में शामिल हो गया है।

  • पर्यावरण संरक्षण

पक्षियों के साथ-साथ ओखला पक्षी विहार ने कई प्राकृतिक संरक्षण कार्यों का समर्थन किया है। यहाँ के वन्यजीवों के संरक्षण में उत्तर प्रदेश सरकार का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

  • प्राकृतिक संरक्षण केंद्र

ओखला पक्षी विहार एक प्राकृतिक महत्व का स्रोत है। यह न केवल विविध पक्षियों एवं जन्तुओ के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है, बल्कि एक प्राकृतिक संरक्षण केंद्र के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)


  • क्या ओखला पक्षी विहार दर्शकों के लिए खुला है?

हां, ओखला पक्षी विहार दर्शकों के लिए खुला है।

  • यहाँ कितने प्रकार के पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं?

यहाँ के ओखला पक्षी विहार में 320 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

  • क्या ओखला पक्षी विहार में केवल पक्षियों का ही महत्व है?

नहीं, ओखला पक्षी विहार के अतिरिक्त यहाँ के पौधों की विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य का भी महत्व है।

  • ओखला पक्षी विहार प्राकृतिक संरक्षण में कैसे मदद करता है?

ओखला पक्षी विहार प्राकृतिक संरक्षण के क्षेत्र में कई कार्यों का समर्थन करता है और यहाँ के वन्यजीवों की संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

  • क्या ओखला पक्षी विहार विज्ञानियों के लिए भी महत्वपूर्ण है?

जी हां, ओखला पक्षी विहार विज्ञानियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भस्थल है जो प्राकृतिक जीवविज्ञान और जैवविविधता के अध्ययन के लिए उपयुक्त है।

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