उत्तर प्रदेशलखनऊ

फाउन्डेशनल स्टेज के विभिन्न आयामों एवं बिन्दुओं पर गहन विचार हेतु तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के शिक्षाविदों, शिक्षक एजूकेटर्स एवं शिक्षकों के साथ फाउन्डेशनल स्टेज के विभिन्न आयामों एवं बिन्दुओं पर गहन विचार हेतु उ0प्र0 राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 19 से 21 जुलाई, 2023 तक परिषद के सभागार पूर्वान्ह 10 बजे से किया जा रहा है। इस कार्यशाला में फाउन्डेशनल स्टेज की राज्य पाठ्यचर्या के विभिन्न आयामों एवं बिन्दुओं पर समझ एवं सहमति विकसित करने एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा-फाउन्डेशनल स्टेज के विकास विषय पर राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग कर मार्गदर्शन किया जायेगा।

डॉ० पवन सचान निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् उ०प्र० लखनऊ ने बताया कि तीन दिवसीय राज्य स्तरीय इस कार्यशाला में डॉ० धीर झिंगरन, निदेशक, लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउण्डेशन, डॉ० रितु चंद्रा, उप सचिव, पूर्व प्राथमिक एवं एफ०एल०एन०, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, डॉ० अनूप कुमार राजपूत, प्रोफेसर एण्ड हेड प्रकाशन विभाग, एन०सी०ई०आर०टी०, नई दिल्ली, डॉ० गंगा महतो, एसोसिएट प्रोफेसर (अंग्रेजी). क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल एवं डॉ० अमिता बाजपेई, प्रोफेसर, शिक्षा संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ के शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे।

श्री सचान ने बताया कि इन शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों के साथ-साथ इस कार्यशाला में एस०सी०ई०आर०टी०. डायट इकाईयों, राज्य परियोजना कार्यालय के संकाय सदस्य, शिक्षा अधिकारियों एवं अन्य विशिष्ट स्वयंसेवी संस्थाओं के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जायेगा। उन्होने बताया कि तीन दिवसीय इस कार्यशाला में फाउण्डेशनल स्टेज हेतु पाठ्यचर्या विकास पर साझा समझ विकसित की जायेगी। अग्रतर एस०सी०ई०आर०टी०, उ०प्र० द्वारा फाउण्डेशनल स्टेज हेतु एक उत्कृष्ट पाठ्यचर्या की रूपरेखा तैयार की जायेगी। एस०सी०ई०आर०टी०, उ0प्र0 द्वारा विकसित इस पाठ्यचर्या की रूपरेखा में दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुसार भविष्य में प्री-प्राइमरी के पाठ्यक्रम तथा कक्षा 1 एवं कक्षा 2 के पाठ्यक्रम का विकास किया जायेगा। पाठ्यक्रम विकास के बाद पाठ्यपुस्तकों तथा अन्य शिक्षण सामग्री को तैयार किया जायेगा। इस कार्यशाला के बाद तैयार की जाने वाली राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा सीखने की सुदृढ नीव रखने में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में फाउण्डेशनल स्टेज (3 से 8 आयु वर्ग के बच्चों) की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। यह अवस्था सीखने की नींव होती है। फाउण्डेशनल स्टेज में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा-2 तक सम्मिलित है। प्री-प्राइमरी में 3-6 आयु वर्ग के बच्चे सम्मिलित हैं तथा 6-8 आयु वर्ग में कक्षा 1 और कक्षा 2 के बच्चे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 फाउण्डेशनल स्टेज पर खेल-खेल में शिक्षा देते हुए बच्चों के बहुमुखी विकास एवं प्रारम्भिक साक्षरता और संख्या ज्ञान विकसित करने की बात कहती है। शुरुआती वर्षों में बच्चों का मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है। अतः इन वर्षों में पढ़ने-लिखने और संख्याओं की मूलभूत समझ आगे की स्कूली शिक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है और बच्चों को सीखने के लिए तैयार करती है।

भारत सरकार द्वारा फाउण्डेशनल स्टेज हेतु राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF- FS) जारी की जा चुकी है। सभी प्रदेशों में राज्य पाठ्यचर्या के रूपरेखा-फाउण्डेशनल स्टेज (SCF-FS) बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में एस०सी०एफ० के विकास की कार्यवाही श्री विजय किरन आनन्द, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के मार्गदर्शन में कर रहा है।

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