लखनऊ में पिंक रोजगार महाकुंभ: महिलाओं को सीएम योगी ने नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया

लखनऊ में आयोजित ‘पिंक रोजगार महाकुंभ’ का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस महाकुंभ का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रेरित करना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को ‘नारी शक्ति अवार्ड’ से सम्मानित किया गया, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास और सामाजिक योगदान की भावना को बढ़ावा मिला।
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के स्वरोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप्स के लिए लगातार नई पहल कर रही है। पिंक रोजगार महाकुंभ में विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और नवाचार का प्रदर्शन किया, जिसमें महिला उद्यमियों, शिक्षिकाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
महाकुंभ में महिला उद्यमियों के लिए कई वर्कशॉप और ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए गए, जिसमें व्यवसाय की योजना बनाना, डिजिटल मार्केटिंग, वित्तीय प्रबंधन और नेतृत्व कौशल पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार राज्य सरकार की पहल ने उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने और समाज में अपनी पहचान बनाने में मदद की।
कार्यक्रम में विभिन्न स्टॉल और प्रदर्शनी भी आयोजित की गईं, जहां महिलाओं ने अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। इससे ना केवल उनकी व्यवसायिक क्षमता को पहचान मिली, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा मिली कि वे अपने हुनर और मेहनत से समाज में योगदान कर सकती हैं। ‘नारी शक्ति अवार्ड’ विजेताओं को सम्मानित करते समय सीएम ने उनके योगदान की सराहना की और कहा कि राज्य सरकार उनकी सफलता और प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहित करेगी।
इस पिंक रोजगार महाकुंभ ने यह संदेश भी दिया कि जब महिलाएँ समाज और अर्थव्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। यह महाकुंभ महिलाओं को न केवल रोजगार के अवसर देता है, बल्कि उन्हें नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करता है। लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।



