UP में ध्वनि प्रदूषण पर पुलिस का एक्शन, 5 दिनों में 11 हजार वाहनों के चालान

उत्तर प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सख्त अभियान चलाया है। पिछले 5 दिनों में राज्यभर में विशेष चेकिंग के दौरान 11 हजार से अधिक वाहनों के चालान काटे गए हैं। यह कार्रवाई उन वाहनों पर की गई जो अनावश्यक रूप से तेज आवाज वाले हॉर्न या मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ध्वनि प्रदूषण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने प्रमुख शहरों, हाईवे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी। कई जगहों पर ड्राइविंग के दौरान अनावश्यक हॉर्न बजाने और प्रतिबंधित साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर तुरंत कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई वाहन चालकों को मौके पर ही चेतावनी भी दी गई ताकि वे भविष्य में नियमों का पालन करें।
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर स्कूलों, अस्पतालों और रिहायशी इलाकों में भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि लगातार तेज आवाज में रहना मानसिक तनाव, नींद की समस्या और सुनने की क्षमता पर असर डाल सकता है।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल चालान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों में व्यवहारिक बदलाव लाना भी है। आने वाले समय में निगरानी सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा ताकि ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।



