गोमती नदी के उद्गम स्थल का होगा कायाकल्प, ₹1 करोड़ से होगा विकास

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की प्रमुख नदियों में शामिल गोमती नदी के उद्गम स्थल के समग्र विकास का निर्णय लिया है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से इस स्थल का कायाकल्प किया जाएगा, ताकि इसे धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। परियोजना के तहत उद्गम स्थल का सौंदर्यीकरण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, पर्यटकों के लिए बेहतर पहुंच और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
सरकार का उद्देश्य गोमती नदी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को नई पहचान देना है। विकास कार्यों में परिसर का सुंदरीकरण, पैदल मार्ग, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र का विस्तार और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यहां आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।
प्रदेश सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गोमती नदी के उद्गम क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना को सुरक्षित रखने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इस स्थल को धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको-टूरिज्म के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।



