उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में 586 पीएम श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी नई गति

₹2.34 करोड़ से उपलब्ध कराई जाएगी कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल सामग्री, बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के मिलेंगे अधिक अवसर

लखनऊ, 01 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।

इसके लिए ₹2.34 करोड़ की धनराशि से कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा तथा प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि की सीमा निर्धारित की गई है। इससे 586 पीएम श्री विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे और बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे।

‘करके सीखने’ से मजबूत होगी अवधारणात्मक समझ
लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने के अवसर मिलेंगे। उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स/रॉ मैटेरियल सामग्री का उपयोग विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें।

586 पीएम श्री विद्यालयों तक पहुंचेगा संसाधन
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा। इसके लिए कुल ₹2,34,40,000 का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे।

गतिविधि, प्रयोग और अनुभव से सीखेंगे बच्चे
इस पहल का उद्देश्य कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और अनुभवपरक बनाना है। विद्यार्थी विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझ सकेंगे, जिससे पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज एवं रोचक बनेगी।

उपयोग और अनुश्रवण पर रहेगा जोर
विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित एवं उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और अभिलेखीकरण का अनुश्रवण किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को भी आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

“लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से बच्चों को प्रयोग और अनुभव से सीखने के अवसर मिलेंगे। हमारा प्रयास है कि सीखने की प्रक्रिया रोचक, सहभागितापूर्ण और बच्चों की जिज्ञासा के अनुरूप बने।”
*संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा*

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button