उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी में असंगठित कामगारों के लिए सरकार ने शुरू की यह बीमा योजना, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए विशेष बीमा योजना की शुरूआत की गयी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी पंजीकृत कामगारों को ‘मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना’ का लाभ दिया जाएगा. इसके अन्तर्गत कामगार की दुर्घटनावश मृत्यु/दिव्यांगता की दशा में अधिकतम 02 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी. यह सहायता राशि 06 श्रेणियों में देय होगी, जो राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी. इसके तहत मृत्यु अथवा पूर्ण शारीरिक अक्षमता की स्थिति में 100 प्रतिशत, दोनों हाथ अथवा दोनों पैर अथवा दोनों आंखों की क्षति पर 100 प्रतिशत, एक हाथ तथा एक पैर की क्षति पर 100 प्रतिशत, एक हाथ या एक पैर या एक आंख की क्षति पर 50 प्रतिशत, स्थायी दिव्यांगता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर, किन्तु 100 प्रतिशत से कम होने पर 50 प्रतिशत तथा स्थायी दिव्यांगता 25 प्रतिशत से अधिक होने पर किन्तु 50 प्रतिशत से कम होने पर 25 प्रतिशत धनराशि देय होगी.

वर्तमान में प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के कामगारों की संख्या लगभग 4.5 करोड़ है, जो प्रदेश की कुल जनसंख्या का लगभग 21 प्रतिशत है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत, असंगठित कामगार की दुर्घटनावश मृत्यु होने पर उसके वारिस को और दुर्घटनावश दिव्यांगता होने पर पंजीकृत कामगार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाना है. इस सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव श्रम की तरफ से शासनादेश जारी कर दिया गया है. यदि कोई कामगार मृत्यु/दिव्यांगता की तिथि को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में बीमित है तथा भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किसी अन्य योजना के अन्तर्गत आर्थिक सहायता से लाभित है तो उसकी दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की दशा में सामान्य रूप से उसके विधिक वारिस कामगार को इन योजनाओं के अन्तर्गत प्राप्त सहायता की धनराशि को समायोजित करते हुए अन्तर की धनराशि दी जाएगी.

‘मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना’ के अन्तर्गत कामगार की दुर्घटनावश मृत्यु होने पर उसके वारिसों द्वारा तथा कामगार की दुर्घटनावश दिव्यांगता होने पर 30 दिनों के अन्दर उत्तर प्रदेश राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा. या फिर जिले के श्रम कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा. अपरिहार्य परिस्थिति में आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अवधि को एक माह तक बढ़ाने का अधिकार सम्बन्धित क्षेत्रीय अपर/उप श्रमायुक्त के पास होगा. उ.प्र. राज्य सामाजिक सुरक्षा बोर्ड योजना के अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु की दशा में उसके वारिसों को तथा दिव्यांगता की स्थिति में पंजीकृत श्रमिक को 15 दिनों के अन्दर योजना में निर्धारित आर्थिक सहायता/हितलाभ दिया जाना सुनिश्चित किया गया है.

Related Articles

Back to top button
65 साल के बुजुर्ग ने की बच्ची से हैवानियत: बहाने से घर बुलाकर किया रेप, चल भी नहीं पा रही थी मासूम अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 17 से शुरू होगा मुख्य अनुष्ठान, जानिए किस दिन होगा कौन सा पूजन रॉयल एनफील्ड हिमालयन 450 बनाम केटीएम 390 एडवेंचर बनाम बीएमडब्ल्यू जी 310 जीएस: स्पेक्स, कीमत की तुलना देखिए काशी की अद्भुत देव दीपावली: 10 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे, ड्रोन से गंगा घाट की ये तस्वीरें मोह लेंगी