उत्तर भारत के एक धर्मस्थल में उस समय सनसनी फैल गई जब एक व्यक्ति खोपड़ी और कंकाल की तस्वीरें लेकर थाने पहुंचा। उसने दावा किया कि वह कई वर्षों से लाशों को ठिकाने लगाता रहा है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धर्मस्थल परिसर की घेराबंदी कर दी गई है। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों में भय का कारण बनी हुई है, बल्कि इससे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, थाने पहुंचे व्यक्ति की मानसिक स्थिति सामान्य प्रतीत हो रही थी। उसने बताया कि उसे कई वर्षों से एक गुप्त संगठन द्वारा मजबूर किया जा रहा था कि वह शवों को धर्मस्थल के पीछे बने पुराने कक्षों में ठिकाने लगाए। जब पुलिस ने उसकी बातों को गंभीरता से लिया और मौके पर जांच की, तो वहां से कई मानव कंकाल और खोपड़ियाँ बरामद की गईं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उस धर्मस्थल में कई वर्षों से कुछ अजीब गतिविधियाँ होती रही हैं, लेकिन कभी किसी ने इसकी तह तक जाने की कोशिश नहीं की। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। लोग इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि क्या यह धर्मस्थल की आड़ में कोई बड़ा रैकेट चल रहा था।
पुलिस ने धर्मस्थल के जिम्मेदार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। डीएनए जांच के लिए कंकालों को लैब भेजा गया है, ताकि उनकी पहचान की जा सके। वहीं, जिस व्यक्ति ने यह खुलासा किया है, उसे हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है।



