Bhaum Pradosh Vrat पर पढ़ें ये स्तोत्र, दूर होगी आर्थिक तंगी
भौम प्रदोष व्रत, जो कि मंगलवार को पड़ता है, भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का पावन अवसर होता है। यह व्रत विशेष रूप से आर्थिक समस्याओं से छुटकारा पाने और जीवन में स्थिरता लाने के लिए किया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन अगर भक्त शिवजी की आराधना के साथ “रुद्राष्टक” या “शिव तांडव स्तोत्र” का पाठ करें, तो मंगल दोष, कर्ज और धन की कमी से मुक्ति मिल सकती है। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करें और दीपक जलाकर ध्यानपूर्वक स्तोत्र पढ़ें।
यह मंगलकारी स्तोत्र न केवल आर्थिक कष्टों से निजात दिलाता है, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि भी लाता है।
भौम प्रदोष के दिन शिवजी को प्रसन्न करने से मंगल ग्रह की पीड़ा भी शांत होती है, जिससे कार्यों में सफलता और जीवन में उन्नति मिलती है।
भौम प्रदोष व्रत को करने से विशेष रूप से मंगल दोष, भूमि विवाद, ऋण (कर्ज) और पारिवारिक कलह जैसे संकटों में राहत मिलती है। यह व्रत मंगलवार के दिन आने वाले प्रदोष तिथि को रखा जाता है, जिसमें व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं।
इस व्रत की पूजा में शिव-पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक जलाकर, धूप-दीप, बेलपत्र, पुष्प, फल और पंचामृत अर्पित किया जाता है। पूजन के दौरान “शिव चालीसा”, “शिवाष्टक” या “शिव पंचाक्षरी मंत्र – ‘ॐ नमः शिवाय’” का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है।



