सावन में क्यों नहीं कटवाते बाल-दाढ़ी? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण
सावन का महीना, भगवान शिव की उपासना और साधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान कई धार्मिक परंपराओं और नियमों का पालन किया जाता है, जिनमें से एक है बाल और दाढ़ी न कटवाना।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में शरीर पर किसी भी प्रकार की कट-फट शुभ नहीं मानी जाती। यह महीना तप, संयम और भक्ति का प्रतीक है, इसलिए शरीर पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ करना वर्जित माना जाता है। यह समय आत्मिक शुद्धि और संयम का होता है, न कि सौंदर्य सज्जा का।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस मौसम में वातावरण में नमी और बैक्टीरिया अधिक होते हैं। ऐसे में बाल कटवाने या शेव करने से त्वचा में इन्फेक्शन और फोड़े-फुंसी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए यह नियम शरीर की सुरक्षा के लिए भी फायदेमंद है।
सावन के इस पवित्र महीने में यदि हम इन पारंपरिक नियमों का पालन करें तो यह न केवल धार्मिक रूप से पुण्यदायी होता है, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी सिद्ध होता है।



