दिल्ली सरकार ने पुरानी गाड़ियों के फ्यूल बैन नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है। अब तक जिन गाड़ियों को 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन मानकर जब्त या स्क्रैप कर दिया गया था, उन्हें फिर से वापस पाने का मौका दिया जा सकता है — कुछ शर्तों के साथ।
सरकार ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत:
-
अगर आपकी गाड़ी जब्त की गई है लेकिन सिर्फ फ्यूल बैन के आधार पर, तो आप उचित दस्तावेज और अपील के ज़रिए उसे वापस ले सकते हैं।
-
अगर वाहन किसी सरकारी नीलामी या स्क्रैपिंग प्रक्रिया में बेचा नहीं गया है, तो मालिक को प्राथमिकता दी जाएगी।
-
वाहन को वापसी के बाद दूसरे राज्य में रजिस्टर करवा कर चलाया जा सकता है (जहां ऐसे बैन लागू नहीं हैं)।
⚠️ क्या करें:
-
दिल्ली परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करें।
-
गाड़ी के मूल दस्तावेज, RC, इंश्योरेंस और ID प्रूफ जमा करें।
-
यदि गाड़ी बेची नहीं गई हो, तो नियमानुसार शुल्क और प्रक्रिया पूरी कर वापस ले सकते हैं।
इस बदलाव का मकसद पुराने वाहनों के मालिकों को थोड़ी राहत देना और फ्यूल बैन नीति में लचीलापन लाना है। हालांकि पर्यावरण मानकों से समझौता नहीं किया जाएगा।



