मुंबई बना सबसे महंगा शहर रेस्टोरेंट में खाने के लिए – जानें पूरी लिस्ट
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं और रेस्टोरेंट में जाकर भोजन करना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है! हाल ही में सामने आई एक अंतरराष्ट्रीय कंज्यूमर डेटा रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई भारत का सबसे महंगा शहर बन गया है रेस्टोरेंट में खाने के लिहाज से। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में एक व्यक्ति के लिए किसी सामान्य मिड-लेवल रेस्टोरेंट में दोपहर या रात का खाना खाने की औसत कीमत ₹600 से ₹900 तक पहुंच चुकी है, जो कि देश के अन्य मेट्रो शहरों से कहीं ज्यादा है।
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे जैसे शहर, जो तकनीकी और वाणिज्यिक रूप से अत्यधिक विकसित हैं, वहां भी खाने की लागत मुंबई से कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में यही खाना ₹400 से ₹600 के बीच, जबकि पुणे और कोलकाता जैसे शहरों में ₹300–₹500 में मिल जाता है। इसका मुख्य कारण मुंबई की उच्च रियल एस्टेट लागत, ब्रांडेड कैफे कल्चर, और बढ़ती डिमांड मानी जा रही है।
मुंबई में न केवल हाई-एंड रेस्टोरेंट, बल्कि छोटे कैफे, स्ट्रीट फूड आउटलेट्स और फूड कोर्ट्स में भी कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यहां तक कि कॉफी, पिज्जा, या बर्गर जैसे फास्ट फूड आइटम्स भी अब ₹250–₹400 के रेंज में मिलने लगे हैं। एक कप सिंपल कॉफी के लिए भी आपको ₹150 से ऊपर खर्च करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि कोविड-19 के बाद फूड इंडस्ट्री में आए बदलाव, रेंट की महंगाई, ब्रांडिंग, डिजिटल पेमेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स की फीस ने मिलकर खर्चों को काफी बढ़ा दिया है। इसके अलावा, मुंबई की तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और आउटिंग कल्चर ने भी मांग को आसमान तक पहुंचा दिया है, जिससे कीमतें भी उसी गति से बढ़ रही हैं।
हालांकि, यह स्थिति सिर्फ चुनिंदा पॉश इलाकों तक ही सीमित नहीं है। शहर के लोकल इलाकों में भी थालियों और पारंपरिक भारतीय भोजन की कीमतों में 20% से ज्यादा इजाफा देखा गया है। यह बदलाव उन लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है जो रोज़ाना रेस्टोरेंट या होटल में खाना खाते हैं, खासकर ऑफिस गोइंग युवाओं और बैचलर्स के लिए।
अगर बात की जाए सबसे सस्ते शहरों की, तो रिपोर्ट में इंदौर, जयपुर और भुवनेश्वर को सबसे किफायती माना गया है जहां अब भी ₹200–₹300 में एक अच्छा भोजन मिल जाता है।



