Fatty Liver के ये 5 लक्षण केवल महिलाओं में, बढ़ सकता है खतरा
फैटी लिवर यानी लिवर में चर्बी का जमना, एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली स्वास्थ्य समस्या है, जो विशेष रूप से महिलाओं में चुपचाप बढ़ती है। यह स्थिति Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) के रूप में तब देखी जाती है जब व्यक्ति शराब का सेवन न करते हुए भी लिवर में चर्बी जमा होने लगता है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, थायरॉयड असंतुलन और मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसी स्थितियां फैटी लिवर के खतरे को और भी अधिक बढ़ा देती हैं।
फैटी लिवर के लक्षण कई बार इतने सूक्ष्म होते हैं कि महिलाएं उन्हें सामान्य थकान, कमजोरी या काम के बोझ का परिणाम मान लेती हैं। लेकिन कुछ खास संकेत ऐसे हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना खतरे को न्योता देना हो सकता है। पहला लक्षण है लगातार थकान और कमजोरी, जो बिना किसी भारी काम के भी महसूस होती है। दूसरा लक्षण है पेट के दाईं ओर ऊपरी हिस्से में हल्का-सा भारीपन या असहजता, जो लिवर के सूजन का संकेत हो सकता है।
तीसरा आम लक्षण है त्वचा या आंखों में पीलापन—हालांकि यह जॉन्डिस जैसा नहीं होता, लेकिन हल्का पीलापन लिवर की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। चौथा लक्षण है अनियमित मासिक धर्म या हार्मोनल बदलाव, क्योंकि फैटी लिवर हार्मोन के संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। और पाँचवाँ, लेकिन बेहद महत्वपूर्ण संकेत है तेज़ वजन बढ़ना या अचानक वज़न घट जाना, जो महिलाओं में विशेष रूप से मेटाबॉलिक गड़बड़ी का कारण बन सकता है।
इस बीमारी की पहचान जल्दी हो जाए तो खानपान में बदलाव, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण से इसे रोका जा सकता है। महिलाओं को चाहिए कि वे अपने शरीर के इन संकेतों को हल्के में न लें और समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट कराएं। खासकर 35 की उम्र के बाद या यदि फैमिली हिस्ट्री में डायबिटीज़ या हाई कोलेस्ट्रॉल हो तो सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है।
फैटी लिवर एक ‘साइलेंट किलर’ है, जो बिना कोई जोरदार लक्षण दिए लिवर को क्षतिग्रस्त कर सकता है। इसलिए यदि आप महिला हैं और ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी अनुभव कर रही हैं, तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें। समय पर ध्यान देने से यह स्थिति पूरी तरह कंट्रोल की जा सकती है और लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।



