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कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सीएम के निर्देश, ‘किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं, प्रदेश में भरपूर खाद उपलब्ध’

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसान सरकार की प्राथमिकता में हैं। प्रदेश में भरपूर खाद उपलब्ध है। किसानों का शोषण कतई बर्दाश्त नहीं है। प्रदेश सरकार निर्धारित मूल्य पर किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की सुगमतापूर्वक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कटिबद्ध है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि उर्वरक के वितरण में असामाजिक तत्वों द्वारा कालाबाजारी, जमाखोरी, ओवररेटिंग, टैगिंग आदि से किसान प्रभावित न हों, इसपर विशेष ध्यान रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। गुणवतायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता बनाये रखने एवं उचित मूल्य पर वितरण को लेकर अधिकारियों द्वारा भी अनुश्रवण किया जा रहा है।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उर्वरक के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि इसकी कहीं भी कोई किल्लत नहीं है। शाही ने बताया कि प्रदेश में विगत वर्ष (खरीफ 2024 में 31 जुलाई, 2024 तक) यूरिया उर्वरक की कुल खपत 18.98 लाख एमटी हुई थी। खरीफ 2025 में माह जून तक निर्धारित लक्ष्य 12.52 लाख एमटी के सापेक्ष 10 जुलाई तक 28.56 लाख एमटी उपलब्ध कराई गई, जिसमें से 14.25 लाख एमटी विक्रय के बाद अभी भी 14.31 लाख एमटी उपलब्ध है।

डीएपी की उपलब्धता की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में विगत वर्ष (खरीफ 2024 में 31 जुलाई, 2024 तक) डीएपी उर्वरक की कुल खपत 4.38 लाख एमटी हुई थी। खरीफ, 2025 में माह जून, निर्धारित लक्ष्य 6.60 लाख एमटी के सापेक्ष10 जुलाई तक 5.83 लाख एमटी उपलब्ध है, जिसमें से 3.16 लाख एमटी विक्रय के उपरान्त कृषकों के क्रय हेतु 2.67 लाख एमटी अवशेष है। इसी तरह एनपीके भी 10 जुलाई तक 4.26 लाख एमटी में से 1.37 लाख एमटी विक्रय के बाद अभी 2.89 लाख एमटी शेष है।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों की फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी समितियों एवं बिक्री केन्द्रों पर उपलब्ध है।

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