दिव्या FIDE विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में, ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनीं
भारतीय शतरंज जगत के लिए यह एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल है। दिव्या देशमुख ने FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला शतरंज खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी यह सफलता न सिर्फ उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, बल्कि यह भारतीय शतरंज को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाली उपलब्धि भी है।
दिव्या ने सेमीफाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने विरोधी को हराकर फाइनल में एंट्री पक्की की। उनके खेल में आत्मविश्वास, रणनीतिक गहराई और मानसिक मजबूती साफ दिखाई दी, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनका यह सफर युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है कि मेहनत और समर्पण से कोई भी अंतरराष्ट्रीय मुकाम हासिल किया जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर, भारत की एक और दिग्गज शतरंज खिलाड़ी हम्पी कोनरू का फाइनल में पहुंचने का फैसला टाई-ब्रेकर मैच से तय होगा। हम्पी ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और अगर वह फाइनल में पहुंचती हैं तो यह भारत के लिए दोहरी खुशी होगी।
FIDE विमेंस वर्ल्ड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में दो भारतीय महिलाओं का सेमीफाइनल तक पहुंचना अपने आप में दर्शाता है कि भारत की महिला शतरंज अब नई ऊंचाइयों को छू रही है। आने वाले समय में दिव्या जैसे खिलाड़ी देश का नाम और भी ऊंचा करेंगे।



