भारत के साथ कतर भी ओलिंपिक 2036 की मेजबानी की दौड़ में, बोले- हमारे पास 95% ढांचा तैयार
ओलिंपिक 2036 की मेजबानी को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है, क्योंकि अब भारत के साथ कतर भी इस रेस में शामिल हो गया है। कतर ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि वह ओलिंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है और उसके पास लगभग 95% खेल ढांचा पहले से मौजूद है। यह दावा बेहद अहम है, क्योंकि ओलिंपिक जैसे विशाल आयोजन के लिए आधारभूत ढांचे की उपलब्धता एक बड़ा मानदंड होता है।
कतर पहले ही 2030 के एशियाई खेलों की मेजबानी हासिल कर चुका है, जो उसे एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन का सफल ट्रायल रन देने का अवसर देगा। वहीं, भारत ने भी ओलिंपिक 2036 की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की खेल नीति में बड़ा बदलाव आया है। भारत ने नई दिल्ली और अहमदाबाद जैसे शहरों को संभावित होस्ट सिटी के रूप में चिन्हित किया है।
कतर के पास 2022 के फीफा वर्ल्ड कप का अनुभव है, जिसके तहत उसने स्टेडियम्स, मेट्रो सिस्टम, खिलाड़ियों के लिए आवास, फैन विलेज और ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क का विशाल और आधुनिक नेटवर्क खड़ा किया था। कतर का दावा है कि ये सभी सुविधाएं ओलिंपिक के लिए भी पूरी तरह उपयुक्त हैं और उन्हें न्यूनतम संसाधनों से ही अपग्रेड किया जा सकता है।
दूसरी ओर, भारत के लिए यह ऐतिहासिक मौका हो सकता है। यदि भारत ओलिंपिक 2036 की मेजबानी हासिल करता है, तो यह देश में खेलों के प्रति बढ़ते जुनून और विश्व स्तर पर भारत की उभरती भूमिका को मजबूत करेगा।
निष्कर्षतः, ओलिंपिक 2036 की मेजबानी को लेकर भारत और कतर के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल रही है। एक ओर भारत, जो पहली बार ओलिंपिक मेजबानी का सपना देख रहा है, वहीं दूसरी ओर कतर, जो पहले ही अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में खुद को साबित कर चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि IOC किस देश पर भरोसा जताता है।



