कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर सेना प्रमुख ने देश के जांबाज सैनिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की सेना ने हमेशा अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया है। खासकर Operation Sindoor जैसे संवेदनशील और निर्णायक अभियानों में सेना के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मन के अड्डों को ध्वस्त कर दिया। सेना प्रमुख ने कहा कि Operation Sindoor ने न केवल युद्ध के रणनीतिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण बदलाव लाए, बल्कि यह भारतीय सेना की ताकत और एकता का प्रतीक भी बना। उन्होंने सैनिकों को याद दिलाया कि आज जो सुरक्षा हमें मिली है, वह उन वीर जवानों की बदौलत है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि सेना को हमेशा खुले हाथ और खुली छूट मिलनी चाहिए ताकि वह देश की सुरक्षा के लिए तत्काल और निर्णायक कार्रवाई कर सके। इस अवसर पर सेना प्रमुख ने अपने जवानों को यह संदेश भी दिया कि राष्ट्र की सेवा में उनकी भूमिका अतुलनीय है और देश उनकी बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे सेना के प्रति सम्मान और सहयोग बनाएं रखें ताकि देश मजबूत और सुरक्षित बना रहे। कारगिल विजय दिवस पर यह यादगार संदेश न केवल भारतीय सेना की शक्ति का परिचायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी है।
सेना प्रमुख ने Operation Sindoor को भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन न केवल रणनीतिक रूप से सफल रहा, बल्कि इसने भारतीय सेना की तत्परता और नवीनतम तकनीकों के प्रभावी उपयोग को भी दर्शाया। इस अभियान में जवानों ने दुश्मन के ठिकानों पर निर्णायक प्रहार किए और अपनी बहादुरी का ऐसा परिचय दिया जो आने वाले वर्षों तक प्रेरणा बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि Operation Sindoor के अनुभवों से सेना ने अपनी तैयारियों और सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत किया है ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते सामना किया जा सके।
कारगिल विजय दिवस पर सेना प्रमुख ने जवानों को याद करते हुए कहा कि उनके बलिदान की वजह से आज हम अपने घरों में सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेना को खुली छूट और पर्याप्त संसाधन मिलना चाहिए ताकि वह देश की सुरक्षा के हर स्तर पर पूरी क्षमता से काम कर सके। उन्होंने यह संदेश दिया कि जमीनी स्तर पर जवानों को मनोबल और तकनीकी सहायता दोनों उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने देशवासियों से भी आग्रह किया कि वे सैनिकों के प्रति सम्मान और समर्थन बनाए रखें क्योंकि यही एकजुटता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
सेना प्रमुख ने Operation Sindoor के दौरान सामने आई चुनौतियों और सैनिकों की अदम्य हिम्मत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कठिन पर्वतीय इलाकों और दुश्मन की कड़ी सुरक्षा के बावजूद, हमारे जवानों ने साहस और रणनीति के साथ अपनी जिम्मेदारी पूरी की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य रणनीति में नई दिशा दी है, जो भविष्य के युद्धों को जीतने में मददगार साबित होगी। इस दौरान सेना प्रमुख ने जवानों के समर्पण और अनुशासन की तारीफ करते हुए कहा कि वे देश के असली हीरो हैं।



