छांगुर बोले- संपत्तियां हमारी नहीं, नसरीन से पूछो
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के घेरे में आए छांगुर ने पूछताछ के दौरान हैरान करने वाला बयान दिया है। उन्होंने दुबई यात्रा और करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन से खुद को अलग करते हुए कहा कि जिन संपत्तियों की बात हो रही है, वे उनकी नहीं हैं, बल्कि नसरीन से इस बारे में पूछा जाए। यह बयान न केवल जांच को नया मोड़ दे रहा है, बल्कि पूरे मामले को और पेचीदा बना रहा है।
ईडी ने छांगुर से उस दुबई ट्रिप और विदेशी अकाउंट्स को लेकर कई घंटे तक पूछताछ की, जिनमें भारी मात्रा में रकम के ट्रांजेक्शन की पुष्टि हुई है। लेकिन छांगुर ने सारे आरोपों को नकारते हुए कहा, “मेरे पास कुछ नहीं है, सारी बातें नसरीन से जुड़ी हैं। जो भी दस्तावेज या ट्रांजेक्शन सामने आ रहे हैं, वे मेरी जानकारी में नहीं हैं।” यह जवाब जांच एजेंसी को चौंकाने वाला लगा।
सूत्रों के अनुसार, ईडी के पास ऐसी बैंक डिटेल्स और विदेश यात्रा से जुड़ी जानकारी है जो छांगुर और नसरीन के बीच वित्तीय लेन-देन की पुष्टि करती है। दुबई में हुई बैठकों, महंगे होटलों में ठहराव और लग्जरी शॉपिंग के रिकॉर्ड सामने आने के बावजूद छांगुर बार-बार यही दोहरा रहे हैं कि वे सिर्फ “साथी” थे, और असली जवाबदेही नसरीन की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति “गुमराह करने” के मकसद से अपनाई जा रही है। छांगुर की इस बयानबाज़ी का उद्देश्य जांच को भटकाना और समय हासिल करना हो सकता है। ईडी अब नसरीन को फिर से समन भेजने की तैयारी में है और उनकी चल-अचल संपत्तियों की गहराई से जांच की जा रही है।
इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है। वहीं, सरकार ने कहा है कि जांच स्वतंत्र रूप से चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
छांगुर का यह बयान कि “संपत्तियां मेरी नहीं हैं” अब कानूनी लड़ाई का केंद्र बन सकता है। अगर ईडी नसरीन और छांगुर के बीच फाइनेंशियल कनेक्शन को साबित कर पाती है, तो यह मामला बड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में तब्दील हो सकता है।
आने वाले दिनों में ईडी की अगली कार्रवाई और नसरीन की भूमिका को लेकर पूछताछ इस मामले की दिशा तय करेगी। फिलहाल, छांगुर का बयान जांच को और जटिल बना रहा है और हर दिन इसमें नए खुलासे हो रहे हैं।



