
रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार से पहले लखनऊ प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। त्योहार के दौरान मिठाइयों और नमकीन की खपत में भारी बढ़ोतरी होती है, जिससे खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, शहर भर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत मिठाई, नमकीन, दूध और तेल सहित कुल 53 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लखनऊ के प्रमुख बाजारों जैसे अमीनाबाद, हजरतगंज, चौक, आलमबाग, अलीगंज और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कई मिठाई की दुकानों, हलवाई प्रतिष्ठानों और पैक्ड खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों से नमूने एकत्र किए गए। खासकर उन दुकानों पर ज्यादा ध्यान दिया गया, जहां त्योहारों पर ग्राहक संख्या बढ़ जाती है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत की जा रही है। सभी नमूनों को राज्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां उनकी शुद्धता, ताजगी, रंग, सुगंध और मिलावट के स्तर की जांच की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई नमूना मानक से कमतर पाया गया, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या एफआईआर तक शामिल हो सकती है।
इस पूरे अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के मौके पर लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो। प्रशासन ने दुकानदारों को भी चेतावनी दी है कि वे मिठाई में सिंथेटिक रंग, पुराना मावा, खराब तेल या सड़ी-गली सामग्री का उपयोग बिल्कुल न करें। साथ ही, ग्राहकों से भी अपील की गई है कि वे ढकी हुई मिठाई लें, बिल जरूर लें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की शिकायत नजदीकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी से करें।
वहीं, ग्राहकों में भी इस अभियान को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई लोगों ने कहा कि त्योहार के समय जब मिलावट का खतरा बढ़ता है, तब इस तरह की सरकारी निगरानी आवश्यक है। यह न केवल उपभोक्ताओं की सेहत की रक्षा करता है, बल्कि जिम्मेदार व्यापार को भी बढ़ावा देता है।
रक्षाबंधन 2025 को देखते हुए लखनऊ प्रशासन की यह पहल सराहनीय है, जो न केवल स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में है, बल्कि बाजार में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने का एक अहम कदम भी है। उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उपभोक्ताओं को मिलेगी स्वस्थ, सुरक्षित और शुद्ध मिठाई।



