
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भारतीय राजनीति में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। वे अब देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले गृह मंत्री बन गए हैं, और इस तरह उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि भारतीय राजनीति में उनके बढ़ते प्रभाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके निरंतर भरोसे का भी प्रतीक है।
लालकृष्ण आडवाणी ने 1998 से 2004 तक लगभग 6 साल और 4 महीने तक गृह मंत्री का पद संभाला था। वहीं, अमित शाह ने 30 मई 2019 को गृहमंत्री का पदभार संभाला था, और अब अगस्त 2025 तक उनका कार्यकाल 6 साल 3 महीने से अधिक हो चुका है। ऐसे में उन्होंने अब तक के सबसे लंबे समय तक पद पर बने रहने का गौरव हासिल कर लिया है — और यदि वे अगले कुछ महीनों तक और इस पद पर बने रहते हैं, तो यह अंतर और भी बढ़ जाएगा।
अमित शाह का गृह मंत्रालय का कार्यकाल कई दृष्टिकोण से ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने न केवल कठोर आतंकरोधी नीति, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) जैसे बड़े और विवादास्पद फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाई, बल्कि आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद पर नियंत्रण, और डिजिटल पुलिसिंग को भी बढ़ावा दिया।
उनकी कार्यशैली को एक रणनीतिकार के रूप में देखा जाता है — वे जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सभी पहलुओं पर पकड़ बनाए रखते हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय में प्रशासनिक सुधार, सीमा सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण, और आंतरिक खुफिया तंत्र की मजबूती पर विशेष बल दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमित शाह का रिकॉर्ड-breaking कार्यकाल इस बात का संकेत है कि BJP नेतृत्व उनके काम से पूरी तरह संतुष्ट है, और उन्हें एक ऐसे मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जाता है, जो सरकार की कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ हैं।
उनके आलोचकों द्वारा कई नीतियों को लेकर सवाल भी उठाए गए हैं, लेकिन शाह ने हमेशा तथ्यों और दृढ़ निर्णयों से जवाब दिया है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में गिना जाता है, जिसे दशकों तक कोई सरकार हाथ लगाने से भी डरती थी।
इस नए कीर्तिमान के साथ, अमित शाह का नाम अब भारतीय गृह मंत्रालय के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो चुका है। उनकी यह यात्रा सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि एक राजनीतिक दृष्टिकोण, साहसिक फैसलों और रणनीतिक नेतृत्व की कहानी है।



