गौ संरक्षण में लापरवाही पर पशुधन मंत्री की सख्ती | 6 जनपदों के मुख्य पशुचिकित्साधिकारीयों को चेतावनी

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गौ संरक्षण और गौवंश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में पशुधन मंत्री ने छह जनपदों के मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। मंत्री ने कहा कि गौशालाओं के प्रबंधन और गोवंश की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निर्णय तब लिया गया जब निरीक्षण के दौरान कई जिलों से यह शिकायतें सामने आईं कि गौशालाओं में उचित व्यवस्था नहीं है और पशुओं की सही देखभाल नहीं की जा रही है।
पशुधन मंत्री ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि गौशालाओं में पर्याप्त मात्रा में चारा, पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में गोवंश भूखा या बीमार न रहे। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिक योजनाओं में से एक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं कई बार अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं। राज्य सरकार ने बजट में गौशालाओं के रखरखाव और चारा-पानी की व्यवस्था के लिए विशेष निधि भी प्रदान की है। इसके बावजूद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो यह गंभीर मामला माना जाएगा।
छह जिलों के मुख्य पशुचिकित्साधिकारीयों को चेतावनी देकर मंत्री ने यह संदेश दिया है कि सरकार गौ संरक्षण के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की कोताही को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित रूप से जिलों का निरीक्षण किया जाएगा और जहां भी खामियां पाई जाएंगी, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
गौशालाओं में अक्सर यह शिकायतें आती रही हैं कि निर्धारित संसाधनों का उपयोग सही तरीके से नहीं हो रहा। कई स्थानों पर पशुओं को समय पर चारा-पानी नहीं मिलता और उनकी देखभाल में अनियमितता बरती जाती है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह स्थिति बिल्कुल अस्वीकार्य है और जो भी अधिकारी इसमें शामिल होंगे, उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पशुधन मंत्री ने अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की कि वे केवल कागजों पर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गौशालाएं केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि वास्तव में गौवंश के संरक्षण और सेवा का केंद्र होनी चाहिए।
- इस सख्ती से स्पष्ट है कि सरकार गौ संरक्षण को लेकर गंभीर है और यह चाहती है कि प्रत्येक जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग की टीमें पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। इससे न केवल गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रदेश में पशुधन और कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।



