Chhath Puja 2025: घर पर कैसे करें छठ पूजा? जानें पूरी विधि, नियम और सावधानियां

छठ पूजा 2025 का शुभ पर्व पूरे देश में 26 से 29 अक्टूबर तक बड़े श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है। आमतौर पर श्रद्धालु इस व्रत को नदी या तालाब के घाट पर जाकर संपन्न करते हैं, लेकिन कई बार परिस्थितियों के कारण लोग घाट तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर छठ घाट नहीं जा सकते तो घर पर पूजा कैसे करें? चिंता न करें, घर पर भी पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ छठ पूजा की जा सकती है।
घर में छठ पूजा के लिए सबसे पहले साफ-सुथरा स्थान चुनें। छत, बालकनी या आंगन को अच्छी तरह धोकर पवित्र करें। मिट्टी या तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्य देव का प्रतीक मानें और वहीं अर्घ्य दें। व्रत की शुरुआत “नहाय-खाय” से होती है, जिसमें व्रती स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरे दिन “खरना” मनाया जाता है, इस दिन गुड़ और चावल से बनी खीर का प्रसाद तैयार किया जाता है और सूर्यास्त के समय पूजा की जाती है।
तीसरे दिन यानी शाम के अर्घ्य के समय व्रती सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। चौथे दिन प्रातःकालीन अर्घ्य दिया जाता है, जिसके साथ व्रत का समापन होता है। इस दौरान पूजा में ठेकुआ, फल, नारियल, गन्ना और नींबू जैसे प्रसाद अर्पित किए जाते हैं।
घर में पूजा करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि श्रद्धा और पवित्रता का पूरा ध्यान रखा जाए। पूजा के समय किसी भी तरह की अशुद्धि या मांसाहार से परहेज करना चाहिए। व्रती को सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए और पूजा स्थान को दीपक, फूल और केले के पत्तों से सजाना शुभ माना जाता है।
छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि प्रकृति, परिवार और जीवन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। घर पर श्रद्धा और नियमों के साथ छठ पर्व मनाने से भी वही पुण्य प्राप्त होता है जो घाट पर जाकर पूजा करने से मिलता है।



