Chhath Puja 2025: भारत के ये 7 प्रसिद्ध घाट जहां दिखता है आस्था का अद्भुत संगम

Chhath Puja के लिए बेहद खास हैं भारत के ये 7 घाट, देखने को मिलता है आस्था का सैलाब
भारत में छठ पूजा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का भव्य उत्सव है। यह महापर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई इलाकों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दौरान भक्तजन सूर्य देव और छठी मैया की आराधना करते हैं और जलाशयों, नदियों तथा घाटों पर लाखों श्रद्धालु एकत्रित होकर अर्घ्य अर्पित करते हैं। आइए जानते हैं भारत के उन 7 प्रसिद्ध घाटों के बारे में, जहां छठ पूजा का नजारा देखने लायक होता है।
- कांकड़बाग घाट, पटना (बिहार) – गंगा तट पर स्थित यह घाट छठ पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं से भर जाता है। पूरा वातावरण ‘छठी मइया के जयकारों’ से गूंज उठता है। यहां की सजावट और सुरक्षा व्यवस्था भी देखने योग्य होती है।
- देहरादून का आसन बैराज (उत्तराखंड) – यहां उत्तर भारतीय प्रवासी समुदाय बड़ी श्रद्धा से छठ पूजा करता है। सूर्यास्त के समय का नजारा बेहद दिव्य होता है।
- सूर्यकुंड, देव (औरंगाबाद, बिहार) – यह स्थल ऐतिहासिक रूप से छठ पूजा के लिए प्रसिद्ध है। यहां के सूर्य मंदिर में छठ पूजा का विशेष महत्त्व है।
- दिल्ली का कालिंदी कुंज घाट – राजधानी में रहने वाले बिहार और यूपी के लोग यहीं आकर छठ पर्व मनाते हैं। यमुना तट पर बना यह घाट दीपों की रौशनी से जगमगाता है।
- वाराणसी का दशाश्वमेध घाट (उत्तर प्रदेश) – गंगा आरती के साथ छठ पूजा का समागम यहां का नजारा अद्वितीय बनाता है। श्रद्धालुओं का जनसैलाब यहां की सुंदरता में चार चांद लगा देता है।
- रांची का कचहरी तालाब (झारखंड) – झारखंड में यह घाट सबसे प्रसिद्ध है, जहां हजारों लोग सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने आते हैं।
- मुंबई का जुहू बीच – प्रवासी बिहारियों के लिए यह समुद्र तट आस्था का केंद्र बन चुका है। यहां सूर्यास्त के समय पूजा का दृश्य अत्यंत मनमोहक लगता है।
छठ पूजा के ये घाट न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति की एकता और श्रद्धा के अद्भुत संगम को भी दर्शाते हैं। इस पर्व पर सूर्य की किरणों और जल के मिलन में झलकती है भारतीय जनमानस की गहराई और भक्ति की शक्ति। 🌞🪔



